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जलà¥â€à¤¦à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के लिठइन बातों पर जरूर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ दें महिलाà¤à¤‚
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी किसी à¤à¥€ महिला के लिठजीवन में बहà¥à¤¤ अहम समय होता है। à¤à¤• उमà¥à¤° के बाद हर महिला की चाहत होती है कि वह मां बने। मां बनने के दौरान और इसके बाद महिला के शरीर में कई à¤à¤¸à¥‡ बदलाव होते हैं जो कि पहली बार आते हैं। आमतौर पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी का पीरियड 9 महीने का होता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि किन तरीकों से महिलाà¤à¤‚ जलà¥à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट हो सकती हैं।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिला में à¤à¤• जैसे नहीं होते हैं। किसी महिला में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लकà¥à¤·à¤£ पहले हफà¥à¤¤à¥‡ से ही नजर आ सकते हैं और किसी में नजर आने में दो से तीन हफà¥à¤¤à¥‡ का à¤à¥€ समय लग सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के आम लकà¥à¤·à¤£ मासिक धरà¥à¤® में देरी, सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग या हलà¥à¤•ा à¤à¥‚रा सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ, जी मचलना या उलà¥à¤Ÿà¥€ होना, खाने में सà¥à¤µà¤¾à¤¦ न आना, बार-बार मूतà¥à¤° आना, कबà¥à¤œ होना, पेट में जलन होना, सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में सूजन आदि है।
​मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° आवृतà¥à¤¤à¤¿ का रिकॉरà¥à¤¡
अगर आप बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करना चाहती हैं तो आपको ये देखना चाहिठकि कà¥à¤¯à¤¾ उसके पीरियडà¥à¤¸ के पहले दिन हर महीने à¤à¤• ही दिनों आते हैं तो यह नियमित रूप है। वहीं, अगर चकà¥à¤° की लंबाई महीने-दर-महीने बदलती रहती है तो ये
अनियमित होता है।
महिला à¤à¤• कैलेंडर पर इस जानकारी को टà¥à¤°à¥ˆà¤• करके ये देख सकती है कि वह कब ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ हो सकती है। ये वो समय होता है जब उसकी ओवेरी पà¥à¤°à¤¤à¤¿ माह à¤à¤• अंडा जारी करेगा।
​ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन की निगरानी
नियमित मासिक चकà¥à¤° वाली महिलाà¤à¤‚ अपने पीरियडà¥à¤¸ के आने से करीब दो हफà¥à¤¤à¥‡ पहले ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ होती हैं। वहीं, अनियमित चकà¥à¤° वाली महिलाओं में ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के बारे में बताना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है।
वहीं, आमतौर पर अगली अवधि की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से 12 से 16 दिन पहले हो सकता है। कई तरीकों से महिलाà¤à¤‚ अपने सबसे फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² दिनों को निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने में कर सकती है।
फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² दिनों के दौरान हर दूसरे दिन सेकà¥à¤¸ करें
फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² विंडो 6 दिन के अंतराल, ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन से 5 दिन पहले और इसके दिन तक रहती है। हर महीने में ये वो दिन होते हैं जब à¤à¤• महिला के सेकà¥à¤¸ करने से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने के सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चांस होते हैं।
आज के समय में कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ नठटेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ टूलà¥à¤¸ की मदद ले रही हैं जैसे कि फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥ˆà¤•िंग à¤à¤ªà¥à¤¸ और वेबसाइट आदि। इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚स होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक हो तो à¤à¤¸à¥‡ में उनके जरिठनजर रख रही हैं।
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​खाने का रखें धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दिन बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होते हैं और इस समय महिलाओं को अपने आहार में पोषण का बहà¥à¤¤ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की जरूरत होती है। इस समय महिलाà¤à¤‚ अपने आहार में फाइबर और आयरन से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजों को शामिल करें।
फाइबर से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में होने वाली कबà¥â€à¤œ से बचाव होता है और आयरन यà¥à¤•à¥â€à¤¤ चीजें खाने से पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आयरन डेफिशिà¤à¤‚सी का खतरा नहीं रहता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार से गरà¥à¤ में पल रहा शिशॠà¤à¥€ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहता है।
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